“Lather ki Choupal” Baljit Dhull Book Review “Manas Kadai Gaye” (माणसा कडै गए)

"Lather Ki Choupal" Baljit Dhull Book Review "Manas Kadai Gaye" (माणसा कडै गए)

“माणस कडै गए” बलजीत ढुल द्वारा लिखी गई लघु नाटिकाओं का संग्रह है जिसके आवरण का डिजाइन राजकिशन नैन ने तैयार किया है।

इस पुस्तक में डाक्टर बलजीत ढुल द्वारा लिखित नाटिकाएँ बलजीत ढुल के निर्देशन में ही कई मंचों पर अभिनीत हो चुकी हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा समारोहों व रत्नावली सहित राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं।

बलजीत ढुल जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं, जिन्होने अपने जीवन में हरियाणवी संस्कृति को गहराई से जिया है, और जितना समझा है, उसे उसी हरियाणवी चुटीले लहजे में अपनी लेखनी में उतारा है।

दोस्तो! आप सब इसे जरूर पढ़िये। मुझे विश्वास है कि ये पुस्तक आपको बहुत पसंद आएगी।

"Lather Ki Choupal" Baljit Dhull Book Review "Manas Kadai Gaye" (माणसा कडै गए)
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